| Tuesday, 06 March 2012 19:12 |
बसपा के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन बहुत दिन तक चल नही पाया। बसपा सरकार से अलग हो गयी और मुलायम नीत सरकार गिर गयी , जिसके बाद बसपा नेता मायावती पहली बार भाजपा और अन्य दलों के समर्थन से मुख्यमंत्री बनी। वर्ष 1996 में मुलायम सिंह यादव ने केन््रद की राजनीति में कदम रखा और तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा के संयुक्त मोर्चे की सरकार में रक्षा मंत्री बने। वर्ष 1997 में पहले मायावती के नेतृत्व में बनी बसपा..भाजपा सरकार और फिर सत्ता में रही भाजपा नीत गठबंधन सरकार के दौरान वर्ष 2002 तक यादव की पार्टी विधानसभा में मुख्य प्रतिपक्षी दल रही मगर वे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाते रहे। वर्ष 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा 143 सीटों के साथ प्रदेश की राजनीति में पहली बार सबसे बडी पार्टी बनकर उभरी , मगर विपरीत राजनीतिक समीकरणों के कारण सरकार बनाने से चूक गयी और इसके बाद प्रदेश में मायावती के नेतृत्व में एक बार फिर बसपा...भाजपा गठबंधन की सरकार सत्तारुढ़ हो गयी। मगर भाजपा और बसपा की दोस्ती की तीसरी पाली भी अधिक नहीं चली और वर्ष 2003 में छोटे दलों और निर्दलियों के समर्थन से मुलायम सिंह यादव तीसरी बार मुख्यमंत्री बनकर सरकार बनाने में कामयाब रहे। मुख्यमंत्री के रुप में उनकी तीसरी पारी 2007 तक चली, मगर उस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में कानून एवं व्यवस्था तथा कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर राजनीति सपा, बसपा में धु्रवीकृत हो गयी और उनकी धुरविरोधी बसपा मुखिया मायावती ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीत कर उन्हें करारी मात दी और अपनी सरकार बना ली। बहरहाल बचपन से पहलवानी के शौकीन यादव ने राजनीति के अखाड़े में भी अपनी महारत का परिचय दिया। उन्होंने अपने पुत्र व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मिलकर 16वीं विधानसभा के लिए पार्टी अभियान को गांव और गलियों तक पहुंचा कर पांच साल पहले मिली हार का उसी अंदाज में पूर्ण बहुमत के साथ जीत दर्ज करके बदला ले लिया। |
BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7
Published on 10 Mar 2013
ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH.
http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM
http://youtu.be/oLL-n6MrcoM
Tuesday, March 6, 2012
बसपा से मिली हार का उसी अंदाज में बदला लिया मुलायम ने
बसपा से मिली हार का उसी अंदाज में बदला लिया मुलायम ने
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लखनू, छह मार्च (एजेंसी) उत्तर प्रदेश की राजनीति में नये इतिहास लिखते रहे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपनी धुरविरोधी बसपा मुखिया मायावती से पांच साल पहले मिली हार का पूर्ण बहुमत के साथ उसी अंदाज में बदला लेकर एक नया कीर्तिमान कायम कर दिया है।
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