BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Sunday, June 10, 2012

सीतापुर में 12 जून को जुटेंगे मानवाधिकार कार्यकर्ता

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सीतापुर में 12 जून को जुटेंगे मानवाधिकार कार्यकर्ता

सीतापुर में 12 जून को जुटेंगे मानवाधिकार कार्यकर्ता

By  | June 10, 2012 at 7:31 pm | No comments | विज्ञप्ति | Tags: ,

पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टिज
(पीयूसीएल) उत्तर प्रदेश

निर्दोष मुस्लिम नौजवानों आतंकवाद के नाम पर फंसाने के खिलाफ मानवाधिकार जनसम्मेलन

लखनऊ 10 जून 2012/ कतील सिद्ीकी की पुणे जेल में हत्या, फसीह महमूद को जांच एजेंसियों द्वारा गायब कर दिए जाने और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
निर्दोष मुस्लिम युवकों  की रिहाई के अपने वायदे से मुकरने के खिलाफ और जेलों में बंद युवकों को सुरक्षा मुहैया कराने के सवाल पर कुतुबपुर, बिस्वा सीतापुर में 12 जून 2012 को एक मानवाधिकार जनसम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। कुतुबपुर बिस्वंा के ग्राम वासियों, पीयूसीएल एनएपीएम, लोकसंघर्ष, जेयूसीएस और तराई द्वारा आयोजित इस सम्मेलन के सन्दर्भ में जारी प्रेस विज्ञप्ति में शाहनवाज आलम और राजीव यादव ने बताया कि सम्मेलन में प्रमुख रुप से मो0 शुएब एडवोकेट, पूर्व पुलिस महानिरिक्षक एसआर दारापुरी, महताब आलम, ताहिरा हसन, रणधीर सिंह सुमन, मसीहुद्दीन संजरी, सिद्धार्थ कलहंस, केके वत्स समेत कई मानवाधिकार और सामाजिक कार्यकर्ता शिरकत करेंगे।
मानवाधिकार नेताओं ने बताया कि सम्मेलन में इस मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा कि जेलों में आतंकवाद के आरोप में बंद युवकों की सुरक्षा की गारंटी की जाए। क्योंकि कतील की हत्या और फसीह महमूद को सउदी अरब से गायब करने वाली जांच एजेंसियां और एटीएस अपना झूठ छुपाने के लिये किसी भी आपराधिक स्तर पर जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि कुतुबपुर, बिस्वंा के बशीर-शकील मामले में भी यह पाया गया कि चार महीने तक गैर कानूनी तरीके से यूपी एटीएस ने शकील से पूछताछ की, बाद में दिल्ली एटीएस उसे उठा ले गई और उस पर आतंकवाद का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यूपी की सपा सरकार हो या बिहार की नितीश सरकार सबका रवैया मुस्लिम विरोधी है। जिनकी पुलिस की सहभागिता से दूसरे प्रदेशों की एटीएस निर्दोष मुस्लिम युवकों को आतंकवाद के आरोप में फसा देती है।
मानवाधिकार नेताओं ने कहा कि कतील मामले में जिस तरह यह तथ्य सामने आया है कि एटीएस का उस पर दबाव था और उसी तरह गिरफ्तारी से पहले के चार महीने के दरम्यान लखनउ एटीएस द्वारा शकील पर विभिन्न स्तरों पर दबाव बनाया गया था। पुलिस ने कतील को जिन मामलों के तहत फंसाने की कोशिश की थी उसी कड़ी में बशीर और शकील को भी फंसाया गया है। ऐसे में दोनों की सुरक्षा की गारंटी की जाय और दोषी लखनउ एटीएस के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाई की
जाय। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में लोगों से भारी संख्या में शामिल होने की अपील की गयी है और इस सिलसिले में आस पास के गांवों में जनसम्पर्क
किया जा रहा है।

द्वारा
शाहनवाज आलम, राजीव यादव
प्रदेश संगठन सचिव, पीयूसीएल
09415254919, 09452800752

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