BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Monday, May 7, 2012

हिलेरिया के दिल्ली पहुंचने से पहले झुक गये प्रणव दादा!साल भर के लिए टल गया गार!


हिलेरिया के दिल्ली पहुंचने से पहले झुक गये प्रणव दादा!साल भर के लिए टल गया गार!

मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास

हिलेरिया के दिल्ली पहुंचने से पहले गार मामले में प्रणव मुखर्जी ने हाथ खड़े कर दिये और  विदेशी पूंजी प्रवाह को अबाध बनाने के इस आर्हथिक सुधार पर परदा डालने के लिए सरकार ने सोने के गहने पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी वापस लेने का ऐलान किया है। सरकार ने गैर ब्रैंडेड के साथ-साथ ब्रैंडेड ज्वैलरी पर भी एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की घोषणा की है। बजट में गैर ब्रैंडेड ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लागू करने का ऐलान किया गया था।साल भर के लिए टल गया गार!दरअसल बजट में गैर ब्रैंडेड ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाने जाने के प्रस्ताव के विरोध में ज्वैलरों ने 21 दिनों तक हड़ताल की थी। सरकार ने बजट में ब्रैंडेड और गैर-ब्रैंडेड ज्वेलरी पर 2 फीसदी एक्साइज लगा दिया था।  इसके अलावा केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव का 10 से ज्यादा मुख्यमंत्रियों ने विरोध जताया था। 4 से ज्यादा कैबिनेट मंत्रियों ने लिखित विरोध किया था। जीएएआर 1 साल के लिए टलने की खबर से बाजारों में जोश लौटा है।  दोपहर 2:20 बजे, सेंसेक्स 33 अंक गिरकर 16798 और निफ्टी 13 अंक गिरकर 5074 के स्तर पर हैं।बीएचईएल और एलएंडटी 3.5-2 फीसदी उछले हैं। भारती एयरटेल, ओएनजीसी, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी, एनटीपीसी, सिप्ला, विप्रो, टाटा पावर, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो 1-0.4 फीसदी तेज हैं।संपत्ति की खरीद-बिक्री पर 1% टीडीएस को भी वापस ले लिया गया है। बजट में 50 लाख से ज्यादी कीमत की प्रॉपर्टी पर 1% टीडीएस का प्रावधान किया गया था।

गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता में राज्य सचिवालय में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच खुदरा क्षेत्र मंय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), तीस्ता जल संधि और राज्य में अमेरिकी निवेश जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।इसके अलावा शाम को हिलेरी दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगी।समझा जाता है कि आर्तिक सुधारों के मामले में खासकर रीटेल एफडीआई को लेकर बागी ममता को पटाने के लिए हिलेरिया ने कोलकाता​
​ की यात्रा की।

दूसरी तरफ भ्रष्टाचार निरोधक लोकपाल विधेयक के बजट सत्र में पारित होने की संभावना अब कम ही दिखाई पड़ती है। एक तरफ विपक्ष की नजर जहां राष्ट्रपति चुनाव की ओर है वहीं टीम अन्ना का आंदोलन अपनी धार खो चुका है। विधेयक को पारित कराने के सम्बंध में नजदीक से जुड़े संसद के सूत्र ने कहा कि सरकार इस विधेयक को लेकर विवादों और मतभेदों को कम करना चाहती है लेकिन विपक्ष इसे पारित करने को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करना चाहता।

वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि बजट में सोने के गहने पर लगाई गई एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री पर 1% टीडीएस को भी वापस ले लिया गया है। बजट में 50 लाख से ज्यादी कीमत की प्रॉपर्टी पर 1% टीडीएस का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने ऐंटि-अवॉयडेंस रूल (जीएएआर) में संशोधन का भी प्रस्ताव रखा है। फिलहाल इसे एक साल के लिए टाल दिया गया है।वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि 1 अप्रैल 2012 के बजाय जीएएआर 1 अप्रैल 2013 से लागू होगा। प्रस्तावित जीएएआर नियमों में बदलाव भी किया जाएगा। जीएएआर के प्रस्तावों पर विचार करने के लिए कमेटी बनाई गई है। जीएएआर लागू होगा या नहीं, इसे सिद्ध करने की जिम्मेदारी आयकर विभाग की होगी। जीएएआर के तहत आयकर विभाग उन सौदों की जांच कर सकता है, जिनका मकसद टैक्स चोरी हो।पुरानी तारीख से आयकर कानून में बदलाव का डीटीएए पर असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, ब्रांच को सब्सिडियरी में बदलने के बाद विदेशी बैंकों को टैक्स से राहत मिलेगी। इसके अलावा अनलिस्टेड सिक्योरिटीज की बिक्री पर 0.2 फीसदी एसटीटी लगेगा।


जीएएआर के दायरे में इंडीविजुअल्स, भारतीय कंपनियां और विदेशी निवेशक आ रहे थे। इस नियम के तहत टैक्स अधिकारी अगर इस नतीजे पर पहुंचते कि सैलरी स्ट्रक्चर का मकसद टैक्स बचाना है, तो वह टैक्स बेनिफिट देने से मना भी कर सकता था और साथ ही ऐसे क्लेम पर इंटरेस्ट और पेनल्टी भी लगाया जा सकता था। विदेशी निवेशक ज्यादातर पी-नोट्स के जरिए भारतीय बाजार में निवेश करते हैं, वे भी इससे प्रभावित हो रहे थे। मार्केट सूत्रों के मुताबिक, जीएएआर का प्रस्ताव आने के बाद से बड़ी संख्या में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसा निकाला या अपनी निवेश योजना टाल दी।

संकटमोचक बतौर मशहूर और आगामी राष्ट्रपति बनने के दौड़ में फिलहाल सबसे तेज मुखर्जी ने सोमवार को विदेशी निवेशकों की आशंका को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जीएएआर को अब 2013-14 में लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ने यह घोषणा भी की कि 5 लाख तक की कीमत के आभूषणों की खरीद पर एक्साइज ड्यूटी नहीं ली जाएगी। प्रणव के इस ऐलान से सर्राफों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि बजट में एक्साइज ड्यूटी के ऐलान के बाद से ही देशभर में सर्राफ आंदोलन करने लगे थे। सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना आंदोलन वापस लिया था। गौरतलब है कि वित्त विधेयक बजट प्रक्रिया का आखिरी हिस्सा होता है। इसमें वित्त मंत्री बजट प्रस्ताव में किसी बदलाव की घोषणा कर सकता है और उसके बाद इसे वोटिंग के लिए रखा जाता है।ब्रैंडेड ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी से मुश्किल से 20 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। साथ ही टैक्स से बचने के लिए ब्रैंडेड ज्वैलरों ने तमाम हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए थे। यही वजह रही कि सरकार को ब्रैंडेड ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना पड़ा है।

वित्त मंत्री ने सीमित हाथों में रहने वाली कंपनियों के शेयरों के बाजार मूल्य से अधिक दाम मिलने पर कर प्रावधान को भी समाप्त करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने अधिसूचित निवेशकों की श्रेणी को आयकर अधिनियम के प्रावधानों से छूट का प्रस्ताव किया है। बजट पेश होने के बाद लगातार हिचकोले खाते शेयर बाजार की स्थिति पर नजर रखते हुए वित्त मंत्री ने विदेशों से कर्ज लेकर कुछ खास क्षेत्रों में वित्तपोषण के मामले में पांच प्रतिशत की दर से 'विदहोल्डिंग टैक्स' का प्रस्ताव किया था। अब सभी क्षेत्रों को यह सुविधा मिलेगी। ढांचागत क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक बॉंड के जरिये जुटाई गई राशि पर भी निम्न कर की यह सुविधा मिलेगी।

वित्त मंत्री ने उत्पाद एवं सीमाशुल्क मामले में प्रस्तावित कुछ संशोधनों का जिक्र करते हुये कहा कि अपराधों को संज्ञेय और गैर.जमानती बनाने का प्रावधान किया गया। ऐसे मामलों में सरकारी अधिवक्ता को सुनने के बाद ही जमानत देने का प्रावधान किया गया। इस प्रावधान को आज पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया। मुखर्जी ने कहा कहा कि सीमा शुल्क कानून के तहत प्रतिबंधित सामानों अथवा 50 लाख रुपये से अधिक कर चोरी के जैसे गंभीर मामलों को ही संज्ञेय माना जायेगा। हालांकि, ऐसे अपराधों में भी जमानत दी जाएगी।

जीएएआर 1 साल के लिए टलने की खबर से बाजार ने राहत की सांस ली। सेंसेक्स 82 अंक चढ़कर 16913 और निफ्टी 27 अंक चढ़कर 5114 पर बंद हुए।जीएएआर 1 साल के बाद लागू होने के ऐलान के बाद रुपये में मजबूती लौटी और रुपया 53 के ऊपर पहुंच गया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 56 पैसे मजबूत हो कर 52.91 पर बंद हुआ। शुक्रवार को रुपया 53.47 के स्तर पर पहुंचा था।रुपये ने शुरुआत गिरावट के साथ की थी। रुपया 53.73 के स्तर पर खुला था। हालांकि, शुरुआती कारोबार में ही रुपये में गिरावट कम होती दिखी।माना जा रहा है कि आरबीआई ने रुपये की कमजोरी पर ब्रेक लगाने के लिए कदम उठाए। लेकिन, रुपया 53.3 के स्तर पर कारोबार करता रहा।

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारी गिरावट की वजह से घरेलू बाजारों ने करीब 1.5 फीसदी की कमजोरी के साथ शुरुआत की। खुलते ही निफ्टी ने 5000 के नीचे गोता लगाया।बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा और निफ्टी ने 4988 का स्तर छुआ। हालांकि, रुपये में कमजोरी थोड़ी कम होने से बाजार थोड़े संभले।यूरोपीय बाजारों की कमजोर शुरुआत की वजह से घरेलू बाजारों को सहारा नहीं मिला। हालांकि, स्पेन के अच्छे औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों की वजह से यूरोपीय बाजार की गिरावट कम हुई और घरेलू बाजार उबरते नजर आए।

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के जीएएआर 1 साल तक टालने के ऐलान के बाद बाजार में जोश लौटा। निचले स्तर से सेंसेक्स 430 अंक उछला और निफ्टी 5125 के स्तर पर पहुंच गया।
रुपये में मजबूती लौटने से कैपिटल गुड्स शेयर 4 फीसदी चढ़े। पावर, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो शेयर 2-1.5 फीसदी उछले। बैंक, रियल्टी, पीएसयू शेयरों में 0.8-0.5 फीसदी की तेजी आई।

बीएचईएल, एलएंडटी, डीएलएफ, जिंदल स्टील 6-3.5 फीसदी उछले। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टाटा पावर, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, बजाज ऑटो 2.5-1 फीसदी चढ़े।एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस, आईटी शेयरों में 0.75-0.5 फीसदी की गिरावट आई। हेल्थकेयर और तकनीकी शेयरों में हल्की कमजोरी रही।रिलायंस इंडस्ट्रीज, हीरो मोटोकॉर्प, एचयूएल, एचडीएफसी बैंक, विप्रो, आईटीसी, गेल, इंफोसिस, कोल इंडिया 1.5-0.5 फीसदी गिरे।

छोटे और मझौले शेयरों में 0.5 फीसदी की तेजी आई। मिडकैप में एफएजी बेयरिंग्स, एस मोबिलिटी, जेट एयरवेज, बजाज फाइनेंस, बीएफ यूटिलिटीज 8-6 फीसदी चढ़े। स्मॉलकैप में स्पाइसजेट, केपीआईटी कमिंस 12 फीसदी उछले।

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने वित्त विधेयक 2012 को चर्चा के लिये लोकसभा में पेश करते हुये कहा कि वर्ष 2012-13 का बजट पेश करने के बाद कर प्रस्तावों में बदलाव और सुधार के बारे में मुझे संसद के भीतर और बाहर से कई सुझाव मिले। कुछ नई राहत पाने के लिए भी आग्रह किए गए। इनमें से कुछ सुझावों को विधेयक में संशोधन के जरिये पूरा करने का मैं प्रस्ताव करता हूं जबकि अप्रत्यक्ष कर से जुड़ी चिंताओं का निदान अधिसूचना के जरिये किया जाएगा। वोडाफोन मामले में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि आयकर कानून में पिछली तिथि से संशोधन का प्रावधान उन्हीं सौदों में असरकारी होगा जहां भारत स्थित संपत्तियों का सौदा निम्न कर अथवा शून्य कर वाले देशों के जरिये किया गया है।

उन्होंने कहा कि जिन देशों के साथ भारत की दोहरे कराधान से बचने की संधि हो चुकी है उन देशों में हुये सौदों पर प्रस्तावित संशोधन लागू नहीं होगा। भारत की ऐसी संधि 82 देशों के साथ है। जारी सोना, चांदी और आभूषण कारोबार में कालेधन के प्रवाह को रोकने के लिए आभूषण विक्रेता द्वारा स्रोत पर एक प्रतिशत कर कटौती (टीसीएस) का बजट में प्रावधान किया गया। इसे लेकर भी स्वर्णकारों का काफी विरोध था। उनकी मांग पर गौर करते हुये वित्त मंत्री ने दो लाख के बजाय अब पांच लाख रुपये से अधिक आभूषणों की नकद खरीद पर ही एक प्रतिशत टीसीएस काटने का प्रस्ताव किया है। हालांकि, सोने, चांदी की सिल्ली अथवा छड़ (बुलियन) की दो लाख रुपये अथवा इससे अधिक के नकद सौदे में विक्रेता को टीसीएस काटना होगा।

वित्त मंत्री ने अचल संपत्तियों के हस्तांतरण के समय स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) काटने का प्रावधान भी वापस ले लिया। वित्त विधेयक में कृषि भूमि को छोड़कर अन्य अचल संपत्तियों के हस्तांतरण पर भुगतान करते समय राशि का एक प्रतिशत टीडीएस काटने का प्रावधान किया गया था। मुखर्जी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि आयकर कानून में पिछली तिथि से प्रस्तावित संशोधन उन मामलों में लागू नहीं होगा जहां कर निर्धारण आदेश को अंतिम रुप दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मैंने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से कहा है कि वह वित्त विधेयक पारित होने के बाद वह इस संबंध में स्थिति को स्पष्ट करते हुये सकरुलर जारी करें।

वित्त मंत्री ने गैर.सूचीबद्ध प्रतिभूतियों की बिक्री के मामले में निजी इक्विटी निवेशकों सहित प्रवासी निवेशकों के लिये दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया। इस बदलाव से निजी इक्विटी निवेशकों को भी अब विदेशी संस्थागत निवेशकों की बराबर दर से कर देना होगा। कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्धता की तरफ प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों की बिक्री पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभकर नहीं लगेगा। ऐसे शेयरों की बिक्री पर प्रतिभूति लेनदेन कर 0.2 प्रतिशत की दर से लगाया जाएगा।

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