BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Saturday, July 18, 2015

न्यूयार्क में इमरजेंसी और भारत में कॉन्ट्रैक्ट के लिए अमेरिकी कंपनी ने दी 9,76000 डालर की रिश्वत! अप्रवासी प्रधानमंत्री के राजकाज और अबाध विदेशी पूंजी के मेकिंग इन का सच अगर भ्रष्टाचार नहीं है,यह एफडीआई और पीपीपी विनिवेश मा़ल का ग्लोबल टेंडर अगर गंगा जल मेकिंग इन है,तो हमें घोटालों पर बकवास करने की बुरी आदत तो छोड़ देनी चाहिए।क्यों फिर मुफ्त में सच उगलने वाले बच्चों की बलि चढ़ाई जा रही है। पलाश विश्वास

न्यूयार्क में इमरजेंसी और 

भारत में कॉन्ट्रैक्ट के लिए अमेरिकी कंपनी ने दी 9,76000 डालर की रिश्वत!


अप्रवासी प्रधानमंत्री के राजकाज और अबाध विदेशी पूंजी के मेकिंग इन का सच अगर भ्रष्टाचार नहीं है,यह एफडीआई और पीपीपी विनिवेश मा़ल का ग्लोबल टेंडर अगर गंगा जल मेकिंग इन है,तो हमें घोटालों पर बकवास करने की बुरी आदत तो छोड़ देनी चाहिए।क्यों फिर मुफ्त में सच उगलने वाले बच्चों की बलि चढ़ाई जा रही है।
पलाश विश्वास
गंगा सफाई,स्वच्छता अभियान और भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सच,लुईस बर्जर द्वारा गोवा की एक परियोजना के लिए 9,76,000 डालर की रिश्वत की बात सामने आई है जिसमें एक मंत्री भी शामिल है, हालांकि विधि विभाग ने इसका अधिक ब्यौरा नहीं दिया।

अप्रवासी प्रधानमंत्री के राजकाज और अबाध विदेशी पूंजी के मेकिंग इन का सच अगर भ्रष्टाचार नहीं है,यह एफडीआई और पीपीपी विनिवेश मा़ल का ग्लोबल टेंडर अगर गंगा जल मेकिंग इन है,तो हमें घोटालों पर बकवास करने की बुरी आदत तो छोड़ देनी चाहिए।क्यों फिर मुफ्त में सच उगलने वाले बच्चों की बलि चढ़ाई जा रही है।

एकदम ताजा खबर यह है कि अतंक के मारे न्यूयार्क मे इमरजेंसी लगा दी गयी है तो वाशिंगटन से मीडिया कि खबर है कि अमेरिका की न्यूजर्सी स्थित निर्माण प्रबंधन कंपनी पर भारत में गोवा और गुवाहटी में जल विकास से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाएं हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को करोड़ों रूपये रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है।

लुईस बर्जर द्वारा गोवा की एक परियोजना के लिए 9,76,000 डालर की रिश्वत की बात सामने आई है जिसमें एक मंत्री भी शामिल है, हालांकि विधि विभाग ने इसका अधिक ब्यौरा नहीं दिया।

मुक्तबाजारी विश्व व्यवस्था और ग्कीलोबल हिंदुत्व की राजधानी अमरीका के महानगर न्यूयार्क में आपाताल लगा दिया गया है।

बाबी जिंदल अमेरिकी राष्ट्रपति बनने की दौड़ में सबसे पीछे हैं और वे हिलेरी के मुकाबले किसी तरह रिपब्लिकन उम्मीदवार बन जाये तो मैडम क्लिंटन का रास्ता साफ है।ताजा सर्वे में उन्हे करीब एक फीसद से कुछ ज्यादा वोटरों का समर्थन बताया गया है।


बहरहाल अमेरिका पर केसरिया झंडा लहराये न लहराये भारत अब अमेरिकी उपनिवेश जरुर है और भारत की गृहनीति और विदेश नीति कुल मिलाकर युद्ध और गृहयुद्ध का कारोबार शत प्रतिशत हिंदुत्व है।न्यूयार्क में इमरजेंसी अब लगी है और हम 1975 से इमरजेंसी जी रहे हैं हालांकि इमरजेंसी में अभ्यस्त हमें खुशफहमी भी है कि हम आजाद हैं और लोकतंत्र के नागरिक है।


आजादी की तरह फासिज्म के वैदिकी राजकाज मुक्तबाजार में नैतिकता का भारी बवंडर है विशुद्धता के धर्म अधर्म की तरह।ललित गेट खुल्ला खेल फर्ऱूखाबादी है तो व्यापम और नामांकन घोटाले केसरिया सुर्खाव के पर हैं।




न्यूयार्क से मिली खबरों के मुताबिक  कुछ संदिग्ध सशस्त्र लोगों के भय से अमरीका के महानगर न्यूयार्क में आपातकाल घोषित कर दिया गया हैरिपोर्ट के अनुसार 4 सशस्त्र पुरुषों और 2 सशस्त्र महिलाओं के चित्रों के प्रकाशन के बाद यह निर्णय लिया गया। न्यूयार्क की पुलिस ने नगर में कुछ संदिग्ध सशस्त्र लोगों की उपस्थिति की घोषणा की है।अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह यह संदिग्ध सशस्त्र लोग क्या कोई आतंकवादी घटना अंजाम देना चाहते हैं?न्यूयार्क के आतंकवाद विरोधी दस्ते ने नगर के राजमार्गों पर अपनी गश्त बढ़ा दी है और चेक पोस्टों पर सुरक्षा अधिक कर दी है।इसके अतिरिक्त न्यूयार्क के सरकारी कार्यालयों और सैन्य केन्द्रों के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।ज्ञात रहे कि हाल ही में अमरीका के चैनूगा शहर में दो सैनिक ठिकानों पर एक बंदूकधारी द्वारा किए गए हमले में 5 नौसैनिकों की मौत हो गई थी।इस कार्यवाही में तीन सैनिक घायल हो गए थे।अमरीकी सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई में हमलावर को मार गिराया था।


बहरहाल ने कल ही भारत, इंडोनेशिया, वियतनाम और कुवैत में सरकारी निर्माण प्रबंधन ठेके लेने के लिये अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोपों को निपटाने के लिए 1.71 करोड़ डालर का जुर्माना चुकाने पर सहमति जताई है।

मामले में कंपनी के दो पूर्व कार्यकारियों -फिलीपीन के रिचर्ड हिर्ष (61) और यूएई के जेम्स मैक्लंग (59) को रिश्वत के आरोपों में दोषी ठहराया गया। मामले में सजा अब 5 नवंबर 2015 को सुनाई जायेगी।

भारत सरकार ने जापान सरकार के सहयोग से गोवा में पांच साल के जलापूर्ति और मल निकासी परियोजना के विस्तार का काम शुरू किया था। लुईस बर्जर गोवा की इस परियोजना के कंसोर्सियम का हिस्सा थी। कंसोर्सियम में दो जापानी और एक भारतीय कंपनी भी शामिल थी।

लुईस बर्जर के भारत में गुड़गांव, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में कार्यालय हैं और यह भारत में 1998 से कार्यरत है। संघीय अधिवक्ता का आरोप है कि 'कंपनी ने कई समूह भागीदारों के साथ गोवा और गुवाहाटी में दो जल विकास परियोजनाएं हासिल की। इन दोनों ठेकों को हासिल करने के लिए कंपनी ने रिश्वत दी।'

 दो अधिकारी दोषी करार, 5 नवंबर को सजा
मामले में कंपनी के दो पूर्व कार्यकारियों -फिलीपीन के रिचर्ड हिर्ष (61) और यूएई के जेम्स मैक्लंग (59) को रिश्वत के आरोपों में दोषी ठहराया गया. मामले में सजा अब 5 नवंबर 2015 को सुनाई जाएगी. भारत सरकार ने जापान सरकार के सहयोग से गोवा में पांच साल के जलापूर्ति और मल निकासी परियोजना के विस्तार का काम शुरू किया था.

लुईस बर्जर गोवा की इस परियोजना के कंसोर्सियम का हिस्सा थी. कंसोर्सियम में दो जापानी और एक भारतीय कंपनी भी शामिल थी. लुईस बर्जर के भारत में गुड़गांव, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में कार्यालय हैं और यह भारत में 1998 से कार्यरत है. संघीय अधिवक्ता का आरोप है कि कंपनी ने कई समूह भागीदारों के साथ गोवा और गुवाहटी में दो जल विकास परियोजनाएं हासिल की. इन दोनों कॉन्ट्रैक्ट को हासिल करने के लिए कंपनी ने रिश्वत दी.

जापान कर रहा था मदद

भारत सरकार ने जापान की मदद से गोवा में पांच साल की जलापूर्ति और मल निकासी परियोजना के विस्तार पर काम शुरू किया था। लुई बर्जर गोवा की इस परियोजना के लिए बने कंपनियों के गठजोड़ का हिस्सा थी। इसमें दो जापानी और एक भारतीय कंपनी भी शामिल थी।

डायरी में विस्तृत लेखाजोखा

संघीय अभियोजकों का आरोप है कि फर्म ने भारतीय अधिकारियों को दिए रिश्वत का विस्तृत लेखाजोखा डायरी में लिख रखा है। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, घूस के लिए कंपनी की डायरी में 'प्रतिबद्धता शुल्क', 'विपणन शुल्क' और 'संचालन व्यय' जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया है। अभियोजकों के अनुसार, कंपनी ने कई सहयोगियों के साथ मिलकर गोवा और गुवाहटी में दो जल विकास परियोजनाएं हासिल कीं। गौरतलब है कि लुई बर्जर के भारत में गुड़गांव, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में दफ्तर हैं। यह भारत में 1998 से कार्यरत है।

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