BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Sunday, June 10, 2012

इंटरनेट में माहिर बच्चों पर कैसे निगाह रखें अभिभावक

इंटरनेट में माहिर बच्चों पर कैसे निगाह रखें अभिभावक

Sunday, 10 June 2012 11:43

नयी दिल्ली, 10 जून (एजेंसी) इंटरनेट चलाने में माहिर बच्चों की गतिविधियों को पकड़ना अभिभावकों के लिए आज एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। खासकर नौकरीपेशा अभिभावकों के लिए यह जानना काफी मुश्किल होता है कि उनका बच्चा इंटरनेट पर क्या करता है। 
कई बार बच्चे इंटरनेट पर अश्लील अथवा ऐसी ही किसी साइट पर चले जाते हैं, जो उनके लिए काफी नुकसादायक हो सकती हैं। ऐसे में बच्चों की इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी की जरूरत सिर्फ नौकरीपेशा ही नहीं बल्कि सभी अभिभावक महसूस करने लगे हैं। 
विशेषज्ञों ने इस समस्या का समाधान निकालने के प्रयास तेज कर दिये हैं और अब बाजार में तमाम ऐसे साफ्टवेयर आ गए हैं, जो माता-पिता की इस चिंता को दूर कर सकते हैं। इस तरह के साफ्टवेयर के जरिये अभिभावक न केवल अपने बच्चों की आॅनलाइन गतिविधियों की निगरानी कर सकते हैं, बल्कि उन साइटों को ब्लाक भी कर सकते हैं, जो बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। 
ऐसी ही सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी ट्रेंड माइक्रो के कंट्री प्रबंधक :भारत और दक्षेस: अमित नाथ ने 'भाषा' से बातचीत में कहा, ''इस तरह के साफ्टवेयर की मदद से अभिभावक अपने बच्चों को अनचाही साइट पर जाने से रोक सकते हैं। इंटरनेट पर उनका समय सीमित कर सकते हैं। उनका बच्चा आॅनलाइन पर क्या करता रहा है इसकी भी जानकारी रख सकते हैं। ऐसी कई साइटों को ब्लाक किया जा सकता है।'' 
ट्रेंड माइक्रो का ऐसा ही साफ्टवेयर टिटैनियम मैक्सिमम सिक्योरिटी वर्जन 2012 है, जो पैरंटल कंट्रोल फीचर्स से लैस है। नाथ कहते हैं कि इस साफ्टवेयर की मदद से अभिभावक उन साइटों पर रोक लगा सकते हैं जिन्हें वे अपने बच्चों के लिए सही नहीं मानते हैं। यह साफ्टवेयर बच्चों की इंटरनेट चैटिंग पर भी निगाह रखता है। 

विश्लेषकों का कहना है कि आज इंटरनेट एक जरूरत बन गया है। बच्चों को स्कूल की पढ़ाई में भी इसकी जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें इससे दूर रखना समस्या का हल नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उनकी इंटरनेट गतिविधियों को नियंत्रित किया जाए और उसकी पूरी निगरानी की जाए। 
कंप्यूटर सर्विसिंग और रिपेयरिंग से जुड़ी कंपनी ईटेकीज.इन के सह संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहित चौधरी कहते हैं कि बच्चों को इंटरनेट से दूर रख पाना आज के दौर में संभव नहीं है। ऐसे में जरूरत यह है कि अभिभावक उनकी गतिविधियों पर निगाह रख सकें। 
ईटेकीज.इन कंप्यूटरों का रखरखाव करती है। यह कंपनी उपभोक्ताओं के कंप्यूटरों को नुकसानदायक वायरस, स्पाईवेयर तथा मालवेयर आदि को साफ करती है। रोहित चौधरी कहते हैं कि इस तरह की सेवाएं लेने वाले अभिभावक अपने बच्चों की इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी कर सकते हैं। कंप्यूटर के रखरखाव के दौरान हम यह जान सकते हैं कि बच्चा इंटरनेट पर क्या करता है। और फिर इसकी जानकारी अभिभावक को दी जा सकती है। 
एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा कि आजकल के बच्चे छोटी उम्र से ही इंटरनेट खोलने लगते हैं। वे इसमें इतने विशेषज्ञ हो जाते हैं कि उनके माता-पिता यह नहीं पता लगा सकते कि बच्चा इंटरनेट पर क्या करता है। इसलिए अभिभावकों को अपने कंप्यूटर को ही ऐसे साफ्टवेयर से लैस करना चाहिए, जो उनके बच्चों की गतिविधियों की निगरानी कर सके।

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