BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Wednesday, June 26, 2013

एमआई-17 हेलीकॉप्टर का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर मिला, सभी 20 लोग मारे गए: ब्राउन

एमआई-17 हेलीकॉप्टर का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर मिला, सभी 20 लोग मारे गए: ब्राउन

Wednesday, 26 June 2013 12:07

गोचर। उत्तरांखड के गौरीकुंड में कल दुर्घटनाग्रस्त हुए वायुसेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर आज बरामद कर लिया है। इस बीच वायुसेना प्रमुख एन ए के ब्राउन ने हादसे का शिकार हुए इस हेलीकॉप्टर पर सवार 20 लोगों में से किसी के भी बचने की संभावना से इनकार किया है।
वायुसेना अधिकारियों और जवानों से मुखातिब होने के बाद ब्राउन ने संवाददाताओं से कहा, ''सौभाग्य से, हमने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर बरामद कर लिया है। और, मुझे लगता है कि हम कुछ ही दिनों में इस दुर्घटना के सही कारणों का पता लगा लेंगे।''
उन्होंने कहा कि इस समय इस दुर्घटना के पीछे के कारणों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
ब्राउन ने कहा कि उन्हें बताया कि हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 20 लोगों में से किसी के भी बचने की संभावना नहीं है। इनमें वायुसेना के पांच, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस :आईटीबीपी: के छह जवान और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल :एनडीआरएफ: के  नौ लोग शामिल थे।
ब्राउन से जब पूछा गया कि क्या यहां सुरक्षा पैमाने की अनदेखी की गई है, तो उन्होंने कहा, ''जहां तक अनदेखी का सवाल है, तो मैं ऐसा नहीं कहूंगा। पहाड़ों में, विशेषकर मानसून के दौरान, मौसम की समस्या हमेशा बनी रहती है। लेकिन, इस समय हम निश्चित रूप से यह नहीं बता सकते कि इस दुर्घटना का कारण मौसम था या कोई तकनीकी समस्या।''
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है और हर दिन इसकी समीक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पायलट बेहद योग्य और इस तरह के अभियान कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और हमारे जवानों का मनोबल बेहद उच्च्ंचा बना हुआ है। बचाव अभियान में शामिल वायुसेना के जवानों और दूसरी एजेंसियों ने 'बेहद शानदार' ढंग से काम किया है।

उत्तराखंड: हेलीकॉप्टर हादसे में 20 के मरने की आंशका, 8,000 अभी भी फंसे

गौचर....सोनप्रयाग। उत्तराखंड में बारिश और भीषण बाढ़ के बीच राहत अभियान में लगे वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से 20 लोगों के मरने की आशंका है। दूसरी ओर इस भयावह आपदा में अब भी करीब 8,000 लोग फंसे हुए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम शशिधर रेड्डी ने बताया कि दुर्घटना स्थल से आठ शव बरामद किए गए हैं जिनमें वायुसेना के पांच कर्मी हैं। एमआई-17 हेलीकॉप्टर रिपीट एमआई-17 हेलीकॉप्टर में 20 लोग सवार थे और किसी भी जीवित होने की संभावना क्षीण है।  
रेड्डी ने प्रेस ट्रस्ट को बताया '8 शव बरामद किए गए हैं।'
उधर, इस आपदा में मारे गए सैकड़ों लोगों के सामूहिक अंतिम संस्कार में आज विलंब हो हुआ और शवों के खराब होने के बीच बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है । भारी बारिश के कारण आज दूसरे दिन भी बचाव अभियान पर असर पड़ा है। 
अधिकारियों ने बताया कि बचावकर्मियों ने 2,403 श्रद्धालुओं को बचाया लेकिन उत्तराखंड के आपदाग्रस्त क्षेत्र में अभी भी 8000 लोग फंसे फंसे हुए हैं। इनमें से ज्यादातर लोग हरसिल और बद्रीनाथ में हैं। ताजा भूस्खलन, बादल फटने और तेज बारिश के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ है । केदारनाथ में 127 शवों समेत कुल 142 शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 822 हो गई।

देर रात की खबरों के अनुसार, रूस में निर्मित हेलीकाप्टर एमआई 17 पूरी तरह जल गया। यह हेलीकॉप्टर भारत ने पिछले साल ही हासिल किया था। मृतकों में एक विंग कमांडर, दो फ्लाइट लेफ्टिनेंट, एक जूनियर वारंट आॅफिसर, एक सार्जेंट शामिल हैं।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक अजय चड्ढा ने बताया कि अर्द्धसैनिक बल के छह कर्मी दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर में थे। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल :एनडीआरएफ: के महानिरीक्षक संदीप राय राठौर ने बताया कि बल के नौ कर्मी हेलीकॉप्टर में थे। दोनों ने ही कहा कि उनके कर्मियों का पता नहीं है।
वायुसेना के प्रवक्ता ने दिल्ली में बताया 'एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर बचाव अभियान के तहत गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ का चक्कर लगा रहा था। केदारनाथ से लौटते समय वह गौरीकुंड के उत्तर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।'
गौचर में एक वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त हुए एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ के आज दो चक्कर लगाए थे। 
अधिकारी ने बताया कि बारिश और धुंध की वजह से मौसम खराब हो गया था और उसी दौरान हादसा हुआ। यह एमआई-17 हेलीकॉप्टर ईस्टर्न एयर कमान के तहत पश्चिम बंगाल के बैरकपुर एयरफोर्स स्टेशन की एक यूनिट का था।
वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि इलाके में बचाव अभियान जारी रहेगा और एमआई-17 हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के लिए कोर्ट आॅफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं।
इसी बीच, सूत्रों ने बताया कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर में सवार लापता लोगों की तलाश के लिए वायुसेना ने अपने गरूड़ कमांडो तैनात कर दिए हैं। 
आपदा प्रभावित राज्य में मौसम खराब होने के कारण आज हेलीकाप्टरों ने कम उड़ानें भरीं और 500 लोगों को बाहर निकाला जिसमें ब्रदीनाथ से 120 लोग शामिल हैं। इससे पहले 500 लोगों को सुरक्षित निकालकर सड़क मार्ग से जोशीमठ लाया गया। 
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने देहरादून में संवाददाताओं से कहा कि भारतीय वायुसेना के हेलीकाप्टरों ने ब्रदीनाथ से 120 लोगों और हरसिल से 327 लोगों को बाहर निकाला। 
टिहरी जिले में भूस्खलन की ताजÞा घटनाएं हुई हैं जिनमें एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई। देवप्रयाग में बादल फटने की ताजा खबर है और रू्रदप्रयाग के अगस्त मुनि में भारी बारिश हुई है।    (भाषा)ॉ

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