BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Monday, August 22, 2011

देखें इन अंत्योदय यात्राओं का क्या हस्र होता है…. By कैलाश कोरंगा on July 27, 2011

देखें इन अंत्योदय यात्राओं का क्या हस्र होता है….

nishank-in-chamoli-during-yatraमुख्यमंत्री की अन्त्योदय विकास यात्रा के दौरान हमें पिथौरागढ़ जिले के चार ब्लॉकों में जाने का मौका मिला। अस्कोट में मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे किसान महासभा के कार्यकर्ताओं को सभास्थल पर पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस एवं एन.एस.यू.वाई. के नौजवानों को भी प्रशासन का कोपभाजन बनना पड़ा था। पहली बार मुख्यमंत्री को जनता से सीधे बात करते देख जनता में उत्सुकता तो थी। पर ये क्या ? मुख्यमंत्री जी तो शिशु मन्दिर की तर्ज पर कि चिपको आन्दोलन क्या है, गौरा देवी किसके साथ चिपकी थी, राज्य सरकार की कोई स्वास्थ्य सबंधी योजना आदि जनरल नॉलेज के सवाल पूछने लगे।

जिस किसी ने सही जवाब देने के कोशिश की तो मुख्यमंत्री का कहना होता कि मंच में जो फलाँ व्यक्ति बैठे हैं, उनको जानते हो क्या ? ये आपको पाँच सौ एक रुपये का ईनाम देंगे। पाँच सौ रुपये तो मिल जा रहे थे पर एक रुपये का हिसाब नहीं हो पा रहा था। चुफाल जी की बारी इनाम देने की आयी। उनके पास पैसे थे या नहीं, ये तो वो जानें, पर उन्होंने भाजपा के जिलाध्यक्ष किशन भण्डारी से उधार लेकर इनाम दिया। यह क्षेत्र चुफाल का अपना विधान सभा क्षेत्र भी है। जब अपने ही क्षेत्र में उधारी बन रहे हैं तो फिर जनता में क्या संदेश गया होगा ? लगे हाथों दो-एक दिन का खर्चा ही निकल जाये, यही सोचना था शायद प्रत्येक पुरस्कार प्राप्तकर्ता का। एक के बाद एक, जेबें ढीली की जा रहीं थी। हैरानी तब हुई, जब उन्होंने कमिश्नर साहब से भी पाँच सौ एक रुपये का इनाम देने का फरमान जारी कर दिया। नौटंकी को और रोमांचक बनाने के लिये एक आशा कार्यकर्ती ने सवाल का जवाब दिया और मंच पर भी गयी, मगर अपनी उनकी माँगें पूरी करने की बात करने। मगर पाँच सौ एक रुपये लेने से उसने साफ इन्कार कर दिया। पर इनाम के ये पैसे जिस महानुभाव ने दिये थे, उन्हें वापस नहीं मिले। मंचासीन एक भाजपा के पदाधिकारी ने वे नोट अपनी जेब के सुपुर्द कर लिये।

अस्कोट के लिए कोई भी घोषणा न होने से भाजपा के ही कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष का पुतला दहन कर डाला। बाद में बयानबाजी भी चलती रही। अन्दरुनी क्या बातें हुयीं, कोई नही जानता। इसी तरह के दृश्य चंडाक, मुनस्यारी और गंगोलीहाट में भी देखने को मिले। देखें, इन अंत्योदय विकास यात्राओं का क्या हस्र निकल कर आता है….।

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